अगर आप शहरी जीवन की मशीनी चकाचौंध से ऊबे हों और प्रकृति के बहुरंगी रूपों को निहारना चाहते हों, या फिर एकरस जीवन से ऊबे हों और कुछ नया कर गुजरने की इच्छा मन में हिलोरें मार रही हो तो मॉरिशस चलने की तैयारी करें। हिंद महासागर में स्थित इस द्वीप पर आपको वह सब मिलेगा जिसकी चाह एकरसता से ऊबे मन के रिचार्ज होने के लिए होती है। यही वह जगह है जहां भारत, चीन, यूरोप व अफ्रीका की कई संस्कृतियां एकमेक हो उठती हैं।

परंपरा के जीवंत रूप

सर शिवसागर रामगुलाम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 30 किमी दूर है राजधानी पोर्ट लुई। यहां पहुंचते ही अपनी परंपरा से मॉरीशसवासियों के प्रेम का प्रमाण दिखने लगता है। यहां आज भी ऊंचे भवन इक्का-दुक्का ही दिखते हैं। सौ साल पहले बने भवन ही ज्यादा दिखाई देते हैं। पोर्टलुई यहां की परंपरागत और आधुनिक दोनों तरह की कला-संस्कृति की जीती-जागती तस्वीर है। यहां का बाजार सबसे ज्यादा भीड़ व रौनक वाला इलाका है। पर्यटकों के लिए करमुक्त दुकानें यहां आकर्षण का प्रमुख कारण हैं। कंपनियों के उत्पादों और दस्तकारी वाली चीजों के अलावा सूखी मछलियों से बने गहने यहीं मिलते हैं।

दुर्लभ जंतु और वनस्पतियां

प्रकृति की विविधता के जो रूप मॉरिशस में देखे जा सकते हैं, वे शायद और कहीं भी संभव न हों। जैव विविधता का एक जीवंत खजाना यहां इलो ऑक्स एग्रेटिस में देखा जा सकता है। इसे कई दुर्लभ वनस्पतियों और जंतुओं के अभ्यारण्य के रूप में विकसित किया जा रहा है। माहेबोर्ग की खाड़ी में स्थित इस इलाके को इलो सर्फ के नाम से भी जाना जाता है। पोर्ट लुई से इलो सर्फ के लिए प्रतिदिन कई बार फेरियां जाती हैं। यहां पक्षियों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, पिंक पिजन नाम का दुर्लभ कबूतर इनमें सबसे प्रमुख है। दुर्लभ कछुआ अलडबरा जायंट यहीं दिखता है। इस जंगल को वानस्पतिक प्रयोगशाला के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें वनस्पतियों की बीस ऐसी प्रजातियां हैं जो संकटग्रस्त हैं और इनमें बॉटल पॉम व राउंड आइलैंड हरीकैन पॉम प्रमुख हैं।

पैंपलेमुजेज बोटेनिकल गार्डन

यहां से थोड़ी ही दूरी पर पैंपलेमुजेज बोटेनिकल गार्डन है। यहां पाया जाने वाला वृक्ष टेलीपोर्ट पॉम साठ वर्ष में केवल एक बार फूल देता है और इसके बाद मर जाता है। यहां से करीब एक घंटे की दूरी पर है डोमेन ली पेल्स नेचर पार्क। एक पहाड़ी पर मौजूद इस क्षेत्र की घुमक्कड़ी घोड़ों द्वारा खींचे जाने वाले इक्कों या ट्रेन से की जा सकती है। अगर आप इसकी सुंदरता को देखना चाहते हैं तो पैदल भी भ्रमण कर सकते हैं।

समुद्रतट और जलप्रपात

मॉरिशस के समुद्रतट और जलप्रपातों को देखने का अनुभव अपने आपमें अनूठा है। समुद्रतटों में बे ड्यू टैमेरिन, बे ड्यू टॉम्ब्यू, बेले मेयर और ब्लू बे खास तौर से देखे जाने लायक हैं। टैमेरिन नदी के मुहाने पर स्थित बे डयू टैमेरिन सर्फिग का केंद्र है। पोर्ट लुई से मात्र 15 मिनट की दूरी पर मौजूद बे डयू टॉम्ब्यू पर कोको का सौंदर्य देखते ही बनता है। जबकि ब्लू बे का लंबा बीच नौकायन, सर्फिग का बड़ा केंद्र है। सफेद बालू व पारदर्शी पानी यहां खास आकर्षण हैं।

तटीय कस्बे हेनरीटा से थोड़ी ही दूरी पर स्थित टैमेरिन फॉल्स के नीचे नहाना एक अद्भुत अनुभव हो सकता है। यहां सात जलप्रपातों का पानी एक ही जगह गिरता है। यहां से तीन किमी की दूरी पर स्थित मैजेंटा और यमन की सुंदरता भी निहारने लायक है। यहां जाने के लिए आपको अलग से परमिट लेना होगा।

खेल रोमांच के

डीप सी फिशिंग, डाइविंग और सर्फिग जैसे रोमांचक कारनामों को अंजाम देने के लिए यहां कई जगहें हैं। डाइविंग के लिए सबसे अच्छी जगह फ्लिक व फ्लैक के पास है, जिसका आकर्षण है कैथेड्रल केव। सर्फिग के लिए बेहतर जगहें बे डयू कैप और ली मॉर्न हैं। इसके अलावा यहां वाटर स्कीइंग, विंड सर्फिग और कयाकिंग के आयोजन भी कई जगह होते हैं।

भारतीय व्यंजन भी मिलता है यहॉ

हर तरह के भारतीय व्यंजन यहां हर जगह आसानी से मिल जाते हैं। हालांकि शाकाहारी भोजन को पकाए जाने का वहां का तरीका यहां से भिन्न है और इसीलिए वहां के भोजन में एक अलग तरह का स्वाद भी मिलता है। यूरोपीय और चीनी भोजन भी वहां कई जगह आसानी से मिल जाते हैं। पोर्टलुई में भारतीयों के लिए आकर्षण एक बड़ा कारण यह भी है कि यहां अधिकतर लोग हिंदीभाषी हैं। वैसे हिंदी मॉरिशस के अन्य शहरों और गांवों में भी बोली जाती है।

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